Fevicol has dropped yet another beautiful and mind blowing ad for which they are known. Here are the lyrics of the same- HINDI सरमा की दुल्हिन जो ब्याह के आई संग टू सीटर सोफा ले आई पड़ गओ नाम सरमाइन का सोफा हाय रे सरमाइन का सोफा हाय रे सरमाइन का सोफा सरमाइन बहिन का ब्याह कराइन सोफा पे नवा कपड़ा चढ़ाइन बन गओ वो मिसराइन का सोफा हाय रे मिसराइन का सोफा हाय रे मिसराइन का सोफा मिसराइन का लड़का कलेक्टर बनेलु सोफा पे रेग्ज़ीन चमड़ा चढ़ेलु बन गओ कलेक्ट्राइन का सोफा हाय रे कलेक्ट्राइन का सोफा हाय रे कलेक्ट्राइन का सोफा कलेक्टर की बिटिया लव मैरिज करेली सोफा पे बंगाली किरमिच चढ़ेली बन गओ वो बंगालन का सोफा हाय रे बंगालन का सोफा हाय रे बंगालन का सोफा बारह घरों का ब्याह निबटाओ सोफा साठ का होने को आओ देखी गंगा पार की शादी देखी देश के बाहर की शादी देखी देश के बाहर की शादी अब कोई ब्याह कराये या न कराये हाय पर सोफा बनाये तो दिल से बनाये ENGLISH Sarma ki dulhin jo byah ke aai Sang two seater sofa le aai Padh gao naam sarmaain ka ...
वो कौन शख्स होगा, जो फेसबुक पे न होगा, यूँ मिलना जुलना भले कम हो जाए, पर ऑनलाइन ज़रूर होगा || दोस्तों को न जाने कब, दी होगी उसने ट्रीट पर रात को देखना, ८-१० ज़रूर मिलेंगे ट्वीट || ये चिड़िया है सोशल मीडिया, जो फैलाये पंख बहुत ही तेज़ अब तो फ्रेंड्स के साथ पार्टी करने का भी कम हो गया क्रेज || रात भर जगा करे, कि किसको कितने मिले है लाइक (y) और मुगालते में जिया करे कि मुझ पर ही है लाइमलाइट || मैं इन वेबसाइटो का विरोधी कतई नहीं, इनकी भी अपनी महत्ता है, पर हमें इस आभासी दुनिया नहीं, यथार्थ के धरातल पर जीना है | लाइक करो, ट्वीट करो, उससे कोई आफत नहीं पर अपनों के साथ बिताये वक़्त का, जीवन में कोई विकल्प नहीं ||
कुछ हालात एसे है , जिन्हें मैं बदल नहीं सकता कुछ लोग ऐसे है , जो बदलना नहीं चाहते मैं गर सोचूं भी कि ये वक़्त जल्दी गुज़र जाये तो ये वक़्त भी कमबख्त एसा है , जो जल्द गुज़ारना नहीं चाहता.... कभी कभी लगता है कि काश हर चीज़ अपने हाथ में होती हम चाहे दिन तो दिन और रात तो रात होती पर शायद हर चीज़ इंसान के हाथ में आ जाती तो ये ज़िन्दगी शायद , ज़िन्दगी न रह पाती सोचो , कि तुम्हे पता लग जाये कि कल क्या होने वाला है सोचो , कि तुमको पता लग जाये कि कोई तुम्हारे बारे में क्या सोचता है सोचो , कि हर चीज़ तुम्हारे नियंत्रण में हो जाये पर , गर एसा हो भी जाये तो ज़िन्दगी जीने का मज़ा क्या रह जाये हम शायद जीते ही इसलिए है , कि हमें कल का पता नहीं हम शायद जीते ही इसलिए है , कि हमें कुछ अच्छे की उम्मीद है हम शायद जीते ही इसलिए है , कि हमने कुछ ख्वाब देखे है और हम शायद जीते ही इसलिए है , कि हमें इनके पूरा होने की उम्मीद है.....
testing ok
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